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783 मिलियन लोग दीर्घकालिक भूख का शिकार, दुनिया 19% खाना बर्बाद कर देती है|

783 मिलियन लोग दीर्घकालिक भूख का शिकार, दुनिया 19% खाना बर्बाद कर देती है|

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खाद्य अपशिष्ट सांख्यिकी: संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट से पता चलता है कि 2022 में वैश्विक स्तर पर उत्पादित भोजन का 19%, लगभग 1.05 बिलियन मीट्रिक टन के बराबर, बर्बाद हो गया।

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प्रगति पर नज़र रखना: खाद्य अपशिष्ट सूचकांक रिपोर्ट नामक रिपोर्ट, 2030 तक भोजन की बर्बादी को आधा करने की दिशा में देशों की प्रगति पर नज़र रखती है।

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रिपोर्टिंग में वृद्धि: सूचकांक के लिए रिपोर्टिंग करने वाले देशों की संख्या 2021 में पिछली रिपोर्ट की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई है।

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अपशिष्ट में योगदानकर्ता: शोधकर्ताओं ने पाया कि अधिकांश अपशिष्ट (60%) घरों में होता है, इसके बाद खाद्य सेवा (28%) और खुदरा विक्रेताओं (12%) का स्थान आता है।

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पर्यावरणीय प्रभाव: खाद्य अपशिष्ट ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और संसाधनों की कमी सहित पर्यावरणीय मुद्दों में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

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वैश्विक चिंता: भोजन की बर्बादी खाद्य असुरक्षा को बढ़ाती है, जिससे उन लोगों पर असर पड़ता है जो स्वस्थ आहार नहीं ले सकते, खासकर निम्न और मध्यम आय वाले देशों में।

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कार्रवाई की आवश्यकता: रिपोर्ट भोजन की बर्बादी की समस्या से निपटने के लिए सहयोगात्मक प्रयासों और प्रणालीगत कार्रवाई के महत्व पर जोर देती है।

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सार्वजनिक-निजी भागीदारी: सरकारें और उद्योग समूह माप, पुनर्वितरण और नीति विकास के माध्यम से भोजन की बर्बादी को संबोधित करने के लिए साझेदारी बना रहे हैं।

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गैर-सरकारी संगठनों की भूमिका: फ़ूड बैंकिंग केन्या जैसी गैर-लाभकारी संस्थाएँ अधिशेष भोजन को कमजोर आबादी में पुनर्वितरित करने, भोजन की बर्बादी और उत्सर्जन दोनों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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वैश्विक समस्या: भोजन की बर्बादी केवल संपन्न देशों तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह एक वैश्विक समस्या है जिस पर तत्काल ध्यान देने और कार्रवाई करने की आवश्यकता है।