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वैज्ञानिकों ने केवल 15 मिनट में स्क्रैप से हीरे उगाने का एक तरीका ढूंढ लिया है

वैज्ञानिकों ने केवल 15 मिनट में स्क्रैप से हीरे उगाने का एक तरीका ढूंढ लिया है

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नई हीरा संश्लेषण तकनीक: वैज्ञानिकों ने स्टार्टर रत्न की आवश्यकता के बिना हीरों को संश्लेषित करने की एक विधि विकसित की है, जिससे उन्हें सामान्य वायुमंडलीय दबाव पर केवल 15 मिनट में विकसित किया जा सकता है।

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प्रकाशन और सफलता: अप्रैल के अंत में नेचर में प्रकाशित एक अध्ययन में इस सफलता का विवरण दिया गया है, जिसमें मौजूदा संश्लेषण विधियों में महत्वपूर्ण सुधारों पर प्रकाश डाला गया है।

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प्राकृतिक हीरे के निर्माण की तुलना: प्राकृतिक हीरे अत्यधिक दबाव और तापमान के तहत पृथ्वी के आवरण के भीतर गहराई में बनते हैं, एक ऐसी प्रक्रिया जिसकी सिंथेटिक तरीकों ने पारंपरिक रूप से नकल की है।

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पारंपरिक तरीकों की चुनौतियाँ: पारंपरिक हीरे के संश्लेषण के लिए उच्च दबाव और तापमान की आवश्यकता होती है, जिसमें कार्बन को घोलने के लिए तरल धातुओं का उपयोग किया जाता है, जिसे बनाए रखना मुश्किल होता है और हीरे की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

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नई विधि के लाभ: नई तकनीक प्रक्रिया को सरल बनाती है, उच्च दबाव और स्टार्टर बीज की आवश्यकता को समाप्त करती है, जिससे हीरे का निर्माण अधिक सुलभ हो जाता है।

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प्रक्रिया विवरण: शोधकर्ताओं ने ग्रेफाइट क्रूसिबल में गैलियम और सिलिकॉन के संयोजन का उपयोग किया, इसे समुद्र स्तर के वायुमंडलीय दबाव पर बनाए रखा, और हीरे उगाने के लिए सुपर-गर्म कार्बन युक्त मीथेन गैस का उपयोग किया।

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वर्तमान सीमाएँ: जबकि विधि सफलतापूर्वक हीरे उगाती है, उत्पादित हीरे वर्तमान में आभूषण जैसे व्यावहारिक उपयोग के लिए बहुत छोटे हैं।

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भविष्य की संभावनाएँ: आगे शोधन की आवश्यकता के बावजूद, यह विधि अधिक सुलभ और सरल हीरा संश्लेषण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करती है।